शुक्रवार

अपनी बात

अपनी बात : मतलब की मैं आपको अपने मन की बात कहना चाहता हूँ लेकिन कैसे कहूँ ये समझ में नहीं आ रहा है. इसके लिए क्या किया जाए .
मैंने बहुत सोच समझ कर ब्लॉग की मदद लिया . यही एक रास्ता है जो सभी तो नहीं कुछ लोगों तक अपने बात पंहुचा सकते हैं. अब देखते हैं की मेरे बात आप लोगों को पसंद आती है नहीं.
सबसे पहले मैं आप सबको कहना क्या चाहता हूँ ये बतलाना जरुरी है. क्यूँ. ठीक है न.
एक  कहाबत  आप  लोगों  ने  सुनी  होगी. " दूसरों को कुछ कहने और कुछ करने के लिए कहने से पहले खुद को जानना और खुद करना जयादा जरुरी है"
बस मेरा यही सोचना है और यही करना और करवाना है . आज हमारे समाज और देश में कितने लोग दिन भर बैठ कर अपना मूल्यवान समय बर्बाद कर देते हैं. इसके लिए सिर्फ वो नौजवान ही दोषी नहीं है बल्कि हमरा समाज का सिस्टम दोषी है. हम अपने मानसिकता नहीं बदले हैं अपने सोच नहीं बदले हैं अपने विचार नहीं बदले है . तो आप ही बताइए की हमारा समाज हमारा देश कैसे बदलेगा कैसे बढेगा . हम अपने देश का सभी नागरिक चाहे वो नौजवान हो या कोई और सभी एक जुट होकर एक दुसरे के साथ मिलकर अपने समाज और देश को आगे बढ़ने में अपना अपना कीमती समय निकल कर एक दुसरे को मदद करे. ऐसा नहीं है की सिर्फ पैसे से ही मदद की जा सकती है. आपस में प्रेम भाव और सहयोग से ही हम अपने देश की आगे प्रगति पर ले सकते हैं.
आज हमारे देश में हर कोई अपनी अपनी सोच कर बैठा है. ये मेरा है ये तुम्हारा है. अगर यही हाल हमारे समाज का रहा तो वो दिन दूर नहीं जब हम लोग एक बार फिर गुलामी के जंजीर में बंधे मिलेंगे . तब तक बहुत देर हो चुकी होगी .
अभी भी समय है.... जागो जागो कब तक सोते रहोगे.अपनी शक्ति को पहचानो...
खाश कर अपनी युवाओ को कहना चाहता हूँ. आपके ऊपर हमारे समाज और देश की जिम्मेदारी है.
हम सबके बीच से कोई नेता कोई अफसर बनता है. आज हमरे समाज में एक ईमानदार और समझदार लोगों की जरुरत है.
दोस्तों आओ हम अपने समाज और देश को एक सही दिशा में लाने की लिए कुछ करें.
अगर हम अपनी अपनी समाज और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझ ले तो कोई हमें कुछ नहीं कर सकता है और न हम सुन सकते है.
 

10 टिप्‍पणियां:

Patali-The-Village ने कहा…

बहुत सुन्दर रचना|

Umra Quaidi ने कहा…

लेखन के लिये “उम्र कैदी” की ओर से शुभकामनाएँ।

जीवन तो इंसान ही नहीं, बल्कि सभी जीव जीते हैं, लेकिन इस समाज में व्याप्त भ्रष्टाचार, मनमानी और भेदभावपूर्ण व्यवस्था के चलते कुछ लोगों के लिये मानव जीवन ही अभिशाप बन जाता है। अपना घर जेल से भी बुरी जगह बन जाता है। जिसके चलते अनेक लोग मजबूर होकर अपराधी भी बन जाते है। मैंने ऐसे लोगों को अपराधी बनते देखा है। मैंने अपराधी नहीं बनने का मार्ग चुना। मेरा निर्णय कितना सही या गलत था, ये तो पाठकों को तय करना है, लेकिन जो कुछ मैं पिछले तीन दशक से आज तक झेलता रहा हूँ, सह रहा हूँ और सहते रहने को विवश हूँ। उसके लिए कौन जिम्मेदार है? यह आप अर्थात समाज को तय करना है!

मैं यह जरूर जनता हूँ कि जब तक मुझ जैसे परिस्थितियों में फंसे समस्याग्रस्त लोगों को समाज के लोग अपने हाल पर छोडकर आगे बढते जायेंगे, समाज के हालात लगातार बिगडते ही जायेंगे। बल्कि हालात बिगडते जाने का यह भी एक बडा कारण है।

भगवान ना करे, लेकिन कल को आप या आपका कोई भी इस प्रकार के षडयन्त्र का कभी भी शिकार हो सकता है!

अत: यदि आपके पास केवल कुछ मिनट का समय हो तो कृपया मुझ "उम्र-कैदी" का निम्न ब्लॉग पढने का कष्ट करें हो सकता है कि आपके अनुभवों/विचारों से मुझे कोई दिशा मिल जाये या मेरा जीवन संघर्ष आपके या अन्य किसी के काम आ जाये! लेकिन मुझे दया या रहम या दिखावटी सहानुभूति की जरूरत नहीं है।

थोड़े से ज्ञान के आधार पर, यह ब्लॉग मैं खुद लिख रहा हूँ, इसे और अच्छा बनाने के लिए तथा अधिकतम पाठकों तक पहुँचाने के लिए तकनीकी जानकारी प्रदान करने वालों का आभारी रहूँगा।

http://umraquaidi.blogspot.com/

उक्त ब्लॉग पर आपकी एक सार्थक व मार्गदर्शक टिप्पणी की उम्मीद के साथ-आपका शुभचिन्तक
“उम्र कैदी”

Surendra Singh Bhamboo ने कहा…

ब्लाग जगत की दुनिया में आपका स्वागत है। आप बहुत ही अच्छा लिख रहे है। इसी तरह लिखते रहिए और अपने ब्लॉग को आसमान की उचाईयों तक पहुंचाईये मेरी यही शुभकामनाएं है आपके साथ
‘‘ आदत यही बनानी है ज्यादा से ज्यादा(ब्लागों) लोगों तक ट्प्पिणीया अपनी पहुचानी है।’’
हमारे ब्लॉग पर आपका स्वागत है।

मालीगांव
साया
लक्ष्य

हमारे नये एगरीकेटर में आप अपने ब्लाग् को नीचे के लिंको द्वारा जोड़ सकते है।
अपने ब्लाग् पर लोगों लगाये यहां से
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कृपया अपने ब्लॉग पर से वर्ड वैरिफ़िकेशन हटा देवे इससे टिप्पणी करने में दिक्कत और परेशानी होती है।

खबरों की दुनियाँ ने कहा…

अच्छी पोस्ट ,विजय दशमी की शुभकामनाएं । पढ़िए "खबरों की दुनियाँ"

दीपक 'मशाल' ने कहा…

हिन्दी ब्लॉगजगत में आपका स्वागत है..ऐसी ही सुन्दर पोस्टों से हिन्दी ब्लॉग को समृद्ध करते रहिये.. नवरात्र और दशहरे की शुभकामनाएं..

अजय कुमार ने कहा…

हिंदी ब्लाग लेखन के लिए स्वागत और बधाई
कृपया अन्य ब्लॉगों को भी पढें और अपने बहुमूल्य विचार व्यक्त करने का कष्ट करें

yogendranath ने कहा…

अच्छी जानकारी ! बिजया दशमी की हार्दिक शुभकामनाएं !

संगीता पुरी ने कहा…

इस सुंदर नए से चिट्ठे के साथ आपका हिंदी ब्‍लॉग जगत में स्‍वागत है .. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाएं !!

SRAADHA ने कहा…

sundar aur sateek lekhan.badhai

Shruti ने कहा…

mein aapki baat se bilkul sehmat hun.....wah wah!!!